एलर्जी कब साइनस इन्फेक्शन में बदल जाती है?HealthPlanet

Posted on Sat 17th Dec 2022 : 15:37

जानिए साइनसाइटिस क्या होता है, लक्षण, कारण, बचाव और इलाज भी जानें

साइनसाइटिस में नाक, आंख, माथे और जबड़े तक में दर्द और दबाव महसूस होता है. बंद नाक की वजह से सांस लेना मुश्किल हो जाता है और बुखार आदि कई लक्षण परेशान करते हैं. जानिए साइनसाइटिस क्या है, इसके लक्षण, कारण, इलाज और बचाव के उपाय.

जानें साइनसाइटिस के बारे में सबकुछ

Sinusitis: आंखों के बीच और माथे, नाक और गालों की हड्डियों (Cheekbones) के पीछे की तरफ छोटे-छोटे एयर पॉकेट होते हैं, जिन्हें साइनस कहा जाता है. जब साइनस और नाक के मार्ग में सूजन आ जाती है, तो इसे साइनसाइटिस कहा जाता है. नाक में संरचनात्मक समस्या या साइनस में संक्रमण की वजह से यह सूजन आ सकती है. कई बार साइनसाइटिस के स्थान पर साइस संक्रमण यानी साइनस इंफेक्शन शब्द का भी इस्तेमाल किया जाता है, इन दोनों का मतलब एक ही है. साइनस इंफेक्शन एक आम समस्या है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज (NIAID) के अनुसार लगभग 13.4 करोड़ भारतीय क्रोनिक साइनसाइटिस से पीड़ित हैं. आश्चर्यजनक बात यह है कि यह आंकड़ा भारत में कुल डायबिटीज के आंकड़ों का दोगुना है.


साइनसाटिस क्यों होता है?
साइनस खोपड़ी की हड्डियों के भीतर की वह खोखली जगह है जो छोटे-छोटे चैनलों के माध्यम से आपकी नाक से जुड़ी होती है. जैसा कि हमने ऊपर बताया, साइनस आंखों के बीच में माथे, नाक और गाल की हड्डियों के पीछे की तरफ होते हैं. इनमें एक पतला तरल यानी बलगम (Mucus) जमा होता है, जो नाक के जरिए प्रवेश करने वाले कीटाणुओं, धूल, प्रदूषण तत्वों और एलर्जी पैदा करने वाली चीजों को फंसा लेता है और उन्हें शरीर में प्रवेश करने से रोक देता है. आप सांस के जरिए जो हवा लेते हैं, साइनस उसे गर्म और नम रखने में भी मदद करते हैं.

यह समझना जरूरी है कि स्वस्थ साइनस में हवा भरी रहती है. जब साइनस में तरल बनने लगता है, कीटाणुओं को बढ़ने का मौका मिलता है और संक्रमण का कारण बनता है तो साइनसाइटिस या साइनस इंफेक्शन की समस्या हो जाती है. साइनसाइटिस के कारणों में कई रोगजनक, पर्यावरणीय कारण और कुछ पदार्थ शामिल हो सकते हैं. उनमें शामिल हैं –

एलर्जी करने वाली चीजें
इरिटेंट्स (जानवरों की रूसी, प्रदूषित हवा, धुआं और धूल)
बैक्टीरिया
वायरस
कवक यानी फंगी

साइनसाइटिस कितने प्रकार का होता है?

लक्षणों और कितने लंबे समय तक चलता है, इसके आधार पर साइनसाटिस को निम्न कुछ हिस्सों में बांटा जाता है –

एक्यूट साइनसाइटिस : इस साइनसाइटिस में लक्षण चार सप्ताह या इससे कम समय के लिए रहते हैं. इसके ज्यादातर मामले सामान्य सर्दी-जुकाम के लक्षणों के साथ शुरू होते हैं, जैसे नाक बहना और चेहरे का दर्द आदि. ऐसा आमतौर पर वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होता है. कई बार तो मौसमी अलर्जी की वजह से भी एक्यूट साइनसाइटिस हो सकता है.
सबएक्यूट साइनसाइटिस : इसके लक्षण 4 से 12 सप्ताह तक बने रहते हैं. इस तरह के साइनसाइटिस आमतौर पर बैक्टीरियल इंफेक्शन और मौसमी एलर्जी की वजह से होता है.
क्रोनिक साइनसाइटिस : इलाज के बावजूद जब साइनसाइटिस के लक्षण 12 हफ्ते से ज्यादा समय तक बने रहें या कई महीनों और सालभर तक बने रहें तो इसे क्रोनिक साइनसाइटिस कहते हैं. हालांकि, अच्छी बात यह है कि यह ज्यादा गंभीर नहीं होते. बैक्टीरियल इंफेक्शन, फंगल इंफेक्शन, एलर्जी और नाक में संरचनात्मक समस्या के चलते क्रोनिक साइनसाइटिस हो सकता है.
रिकरेंट साइनसाइटिस : जब एक ही साल में कई बार साइनसाइटिस का अटैक होता है तो इसे रिकरेंट साइनसाइटिस कहा जाता है.

साइनसाइटिस के लक्षण क्या होते हैं?

साइनसाइटिस के लक्षण इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार के साइनसाइटिस से पीड़ित हैं. साइनसाइटिस में दर्द के साथ ही दबाव भी महसूस होता है. इसके कुछ आम लक्षणों में शामिल हैं –

नाक बंद होना
लगातार नाक बहना
बलगम गले में बहना
गले में खराश
खांसी
सांसों में दुर्गंध
सूंघने और टेस्ट की क्षमता कम होना
बुखार आना
बार-बार सिरदर्द होना
थकावट महसूस होना
कानों में दर्द होना
सिरदर्द और माथे में दबाव महसूस करना
गालों में दर्द और दबाव महसूस करना
ऊपरी जबड़े और दांतों में दर्द और दबाव
आंखों के पीछे दर्द महसूस होना
सिर के ऊपरी हिस्से में दर्द और दबाव महसूस होना

साइनसाइटिस से कैसे बचें?

सर्दी, जुकाम, फ्लू और एलर्जिक रिएक्शन की वजह से साइनसाइटिस की समस्या हो सकती है. अपने लाइफस्टाइल में सुधार करके, किटाणुओं और एलर्जी पैदा करने वाले कारणों को दूर करके साइनसाइटिस से बचा जा सकता है. इसके अलावा आम निम्न कार्य करके भी साइनसाइटिस से बच सकते हैं या इसकी संभावना कम कर सकते हैं –

हर साल फ्लू शॉट (फ्लू की रोकथाम का इंजेक्शन) लगवाएं
फल और सब्जियों जैसे पोषक तत्वों का सेवन ज्यादा करें
समय-समय पर अपने हाथों को धोते रहें
धूम्रपान से दूर रहें
कैमिकल के साथ ही प्रदूषण और एलर्जी पैदा करने वाली चीजों से दूर रहें
एलर्जी और सर्दी-जुकाम से पार पाने के लिए एंटी-हिस्टामिन दवाएं लें
यदि संभव हो तो सर्दी-जुकाम और फ्लू से पीड़ित लोगों से दूर रहें

साइनसाइटिस का इलाज क्या है?

साइनसाइटिस के ज्यादातर मामले वायरल इंफेक्शन के कारण होते हैं और आमतौर पर इनके इलाज की आवश्यकता होती है. आप चाहें तो इसके आम लक्षणों से राहत पाने के लिए कैमिस्ट से कुछ दवाएं ले सकते हैं या घरेलू उपायों को अपनाकर राहत पा सकते हैं.

साइनसाइटिस में बंद नाक एक बड़ी समस्या होती है और इसके लिए आप निम्न उपाय अपना सकते हैं –
साइनसाइटिस की वजह से नाक, आंख और माथे में दर्द रहता है, इससे राहत पाने के लिए आप गर्म पानी में भीगे हुए कपड़े या तौलिए को अपने चेहरे और माथे पर लगा सकते हैं. इससे आपको बड़ी राहत मिलेगी, दिन में कई बार इस उपाय को अपना सकते हैं.
नाक से मोटा और चिपचिपा म्यूकस पूरी तरह से साफ करने के लिए आप नेजल सलाइन का इस्तेमाल करके नाक को अच्छी तरह से साफ कर सकते हैं.
खूब सारा पानी और जूस पिएं, ताकि आपके शरीर में पानी की कमी न हो और इससे म्यूकस भी पतला होता है. इसके लिए भी आप कैमिस्ट से दवा ले सकते हैं.
हवा में नमी बनाए रखने के लिए आप अपने बेडरूम में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा आप बाथरूम में दरवाजे बंद करके, शावर ऑन कर बैठ सकते हैं, इससे आपको स्टीम बाथ का लाभ मिलेगा.
आप नेजल कॉर्टिकोस्टेरॉइड स्प्रे का इस्तेमाल भी कर सकते हैं, लेकिन इस तरह के डिकंजेस्टेंट का इस्तेमाल करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से बात कर लेंगे तो अच्छा रहेगा.
साइनसाइटिस में दर्द से राहत पाने के लिए आप एसिटामिनोफेन, आइबूप्रोफेन जैसे दर्द निवारक सॉल्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं.
अगर आपके साइनसाइटिस के लक्षण कुछ हफ्तों में दूर नहीं हो रहे हैं तो यह बैक्टीरियल इंफेक्शन भी हो सकता है. इसके लिए आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए. डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक दवाएं दे सकते हैं, जिन्हें आपको 10-14 दिन तक लेना पड़ सकता है. जब तक डॉक्टर दवाएं रोकने के लिए न कहें, तब तक आपको अपनी मर्जी से दवा लेना बंद नहीं करना चाहिए.
अगर साइनसाइटिस के लक्षण डॉक्टरी इलाज के बाद भी ठीक नहीं होते हैं तो आपके डॉक्टर आपको ईएनटी स्पेशलिस्ट के पास भेज सकते हैं. वह आपको कुछ टेस्ट कराने की सलाह भी दे सकते हैं.
अगर आपका क्रोनिक साइनसाइटिस एक तय समय में और दवाएं लेने बाद भी ठीक नहीं हो रहा है तो डॉक्टर आपको सर्जरी की सलाह दे सकते हैं. साइनसाइटिस में निम्न सर्जरी की सलाह डॉक्टर दे सकते हैं –
क्लियर द साइनसेस
रिपेयर ए डिविएटिड सेप्टम
रिमूव पॉलिप्स

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
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